Friday, 13 July 2012

इसके हैं सारे दीवानें. . .


इसके हैं सारे दीवानें. . .

भारत में सेक्स पर पाबंदी है पर यहां युवा सेक्स साइटों पर दिलचस्पी ले रही हैं. एक शोध के अनुसार यह पता चला है कि भारत में देशी कुडी, इंडियनपॉर्नडॉटकॉम जैसे कई साइट है जिनका कोई नियम कानून नहीं है, औऱ तो और कुछ विदेशी साइट तो भारतीय नाम रखकर अपनी सेवा दे रहे हैं.इतना ही नहीं कुछ साइटें तो ऐसी है जो तीन महीने में ही विश्व रेकिंग में अपना जगह तक बना ली है.
सरकार की पाबंदी का ये वेबसाइट प्रत्यक्ष रूप में नियमों का पालन करते हैं. लेकिन इन वेबसाइटों पर जाने की प्रक्रिया इतनी सरल है कि बच्चे भी धड़ल्ले से इसका उपयोग करते हैं. एडल्ट साइट यानी 18 वर्ष से उपर को लोग ही प्रयोग करते हैं, पर इन साइटों पर इंटर करने की प्रकिया इतनी सरल है कि कोई भी टिनेजर इन साइको पर जाकर पॉर्न सामग्री देख सकता है. सेक्स चैट, फ्रेंड्स चैट जैसे कई सेवाओं को उपलब्ध कराते हैं ये साइट.
इकॉनॉमिक्स डिफेंस विंग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी साइटों का आईपी एडरेस तक पहुंचना काफी मुश्किल है, क्योंकि ये विदेशी साइट विदेशों से ऑपरेट होतीं हैं और भारतीय नाम रखकर दर्शकों को लुभाती हैं.भारतीय पॉर्न साइटों पर सरकार ने बैन लगा दिया है पर कुछ साइटों को रि-रुट कर फिर से चलाया गया है. एक फ्रांस की पॉर्न वेबसाइट तीन महिनों एलेक्सा रैंकिंग 11,112 है, जिसकी इंडियन रैंकिंम776 है. वहां इटली की वेबसाइटों की रैंकिंग 103 है.

पिंकी को नेताओं का संरक्षण!


पिंकी को नेताओं का संरक्षण!

पिंकी आजकल मीडिया में छायी हुई है. लिंग परीक्षण को लेकर हाल के दिनों में वो चर्चा में रही थी. पिंकी प्रमाणिक के बारे में रोज ब रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एक समाचार के मुताबिक पिंकी के पश्चिम बंगाल के वामपंथी नेताओं से अच्छे रिश्ते रहे हैं.
इसलिए वामपंथी नेता कह रहे हैं कि पिंकी खुद पीडित है उसे फंसाया जा रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस कह रही है कि जब तक कोर्ट किसी को दोषी न ठहरा दे तब तक उसे निर्दोष समझना चाहिए. 2004 में रेलवे स्टेशन से पिंकी के पास से एक गैर लाइसेंसी पिस्तौल मिली थी. उस समय के खेल मंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने पिंकी का बचाव करते हुए उसको सुरक्षा का भरोसा दिलाया था.
रेप का आरोप लगाने वाली उसकी साथी का कहना है कि पिंकी के सीपीएम नेता से रिश्ते रहे हैं. पिंकी ने इसी नेता के साथ मिलकर जमीन घोटाला किया था. पिंकी को ड्रग्स की भी लत थी. वह घरेलू हिंसा करती थी लेकिन राजनेताओं के वरदहस्त के कारण वह बच जाती थी. जब बंगाल में वामपंथी नेताओं का शासन था तो पुलिस खामोश रहती थी.
आरोप लगाने वाली महिला तलाकशुदा है और एक बच्चे की मां है. बंगाल के खेल मंत्री मदन मित्रा का कहना है कि इस तरह की बातें बंद होनी चाहिए. हालांकि उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि पिंकी के पक्ष में चलाया जा रहा अभियान राजनीति से प्रेरित है. कोर्ट में महिला फोरम का क्या रोल था? उन्होंने वहां सीन क्यों क्रिएट किया?

बाल ठाकरे से आज रात मुलाकात करेंगे प्रणव


बाल ठाकरे से आज रात मुलाकात करेंगे प्रणव

मुंबई : राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले राज्यों के दौरे पर निकले संप्रग के उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी आज शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मिलेंगे और उनकी उम्मीदवारी को समर्थन देने के लिये उन्हें धन्यवाद देंगे.
इस बैठक के बारे में कांग्रेस ने जहां कुछ भी नहीं कहा है वहीं शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने आज कहा कि मुखर्जी आज रात ठाकरे के बांद्रा उपनगर स्थित आवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात करेंगे. पत्र ने कहा ‘उम्मीदों के बादल दिखाई पड रहे हैं.’ उसने कहा कि इस बैठक में राकांपा के अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार उपस्थित रहेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे.
मुखर्जी राष्ट्रपति चुनाव के अपने प्रचार के तहत यहां आयेंगे और आज शाम दक्षिण मुंबई में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और राज्य में सत्तारुढ गठबंधन के विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं.

राष्ट्रपति से मिले मनमोहन


राष्ट्रपति से मिले मनमोहन

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से संसद के आगामी मानसून सत्र और अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा के लिए मुलाकात की.
राष्ट्रपति भवन के बयान के मुताबिक करीब आधे घंटे की बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गयी.
बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ने सूखे और वर्षा सिंचित क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता और मुनाफा बढाने के बारे में राज्यपालों की समिति की सिफारिशों के बारे में मनमोहन सिंह से विस्तार से चर्चा की.

अदालत ने विकास यादव के एम्स जाने का रिकॉर्ड मांगा


अदालत ने विकास यादव के एम्स जाने का रिकॉर्ड मांगा

- कटारा हत्याकांड -
नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज तिहाड़ जेल के अधिकारियों से विकास यादव का मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने को कहा जो नीतीश कटारा हत्याकांड में दो अन्य के साथ उम्रकैद की सजा काट रहा है.
अदालत ने यह आदेश एक याचिका पर दिया जिसमें कहा गया था कि विकास यादव अपने वित्तीय एवं राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए 87 बार अस्पताल गया.
न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति वीके शाली की पीठ ने सुनवाई कल तक के लिए टालते हुए कहा, ‘‘जेल अधीक्षक को दोषी विकास यादव के सभी चिकित्सा रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया जाता है.’’
पीठ ने कहा, ‘‘जेल अधीक्षक को यह निर्देश भी दिया जाता है कि वह इस बारे में रिपोर्ट सौंपें कि क्या अन्य कैदियों को भी विकास यादव की तरह अस्पताल जाने की अनुमति दी गई है.’’
अदालत का आदेश नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा की याचिका पर आया. उन्होंने जेल अधिकारियों तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को यह निर्देश दिए जाने का आग्रह किया था कि वे यादव की बीमारियों और उसके अस्पताल जाने से संबंधित समूचा रिकॉर्ड पेश करें.
इस बीच, अदालत ने उत्तर प्रदेश के विवादास्पद राजनीतिक नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को 2008 में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के फ़ैसले के खिलाफ़ दोनों पक्षों की कुछ अपीलों पर दिल्ली पुलिस तथा अन्य को नोटिस जारी किए.

वेबसाइटों पर निगरानी के लिए नियामक इकाई बने-विशेषज्ञ


वेबसाइटों पर निगरानी के लिए नियामक इकाई बने-विशेषज्ञ

हैदराबाद : साइबर सुरक्षा से जुड़े एक विशेषज्ञ ने कहा है कि आपत्तिजनक सामग्री के चलते वेबसाइटों पर पूरी तरह रोक लगाने की बजाय ऐसा नियामक तंत्र और कानून बनाना बेहतर रहेगा जिससे कि वेबसाइट तेजी से सरकार को जवाब दे सकें.
जाने माने कंप्यूटर सुरक्षा विशेषज्ञ और ऐथकल हैकर अंकित फ़ादिया ने कहा, ‘‘मैं लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों को पूरी तरह रोके जाने का समर्थन नहीं करता. अवैध सामग्री के संबंध में सरकार को नियामक प्राधिकरण की स्थापना करनी चाहिए जो इन सभी विभिन्न वेबसाइटों के साथ घनिष्ठता से काम करेगा. जब भी कुछ अनुचित सामग्री पोस्ट की जाएगी, उसे हटा दिया जाएगा.’’
उन्होंने कहा कि नियामक तंत्र व्यापक होना चाहिए जिसमें केवल सरकारी प्रतिनिधियों का एकाधिकार नहीं हो. फ़ादिया ने कहा, ‘‘यदि सरकार ऐसा नियामक प्राधिकरण बनाती है जिसमें केवल सरकारी सदस्य शामिल हों तो जनता इसे पसंद नहीं करेगी. इसमें विभिन्न तबकों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें एक कानूनी विशेषज्ञ, एक तकनीकी विशेषज्ञ होना चाहिए. युवा, पुलिस तथा सरकार का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. यह एक मनोनीत समिति हो सकती है और यह प्रत्येक दो या चार साल में बदल सकती है.’’
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान में नहीं है तो एक ऐसा कानून बनाया जाना चाहिए जिससे कि वेबसाइट सरकार को तेजी से जवाब देने के लिए बाध्य हो सकें.

फ़लक मामले में नाबालिग लड़की का पिता,2अन्य गिरफ्तार


फ़लक मामले में नाबालिग लड़की का पिता,2अन्य गिरफ्तार

नयी दिल्लीः एम्स में जीवन..मौत से जूझ रही दो वर्षीय बच्ची फ़लक को भर्ती कराने वाली नाबालिग लड़की के पिता और दो अन्य को आज गिरफ्तार कर लिया गया. 15 वर्षीय नाबालिग लड़की तब सुर्खियों में आई जब उसने खुद को बच्ची की मां बताते हुए उसे इलाज के लिये एम्स ले आई. बच्ची फ़लक की कथित तौर पर उसी ने पिटाई की थी.
लड़की ने अपने पिता पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था और अपने घर से लापता हो गयी थी. वह राजकुमार के साथ फ़रार हो गयी जिसने दो महीने पहले फ़लक को उसे सौंपा था.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दक्षिण..पूर्व अजय चौधरी ने कहा, हमने तीन लोगों - उसके पिता, एक महिला जिसने उसे देह व्यापार में ढकेला और एक अन्य व्यक्ति‍ को गिरफ्तार किया है. उन पर उसे छोड़ने एवं देह व्यापार में ढकेलने सहित कई मामले दर्ज किये गये हैं. उन्होंने कहा कि राजकुमार अब भी फ़रार है.
गिरफ्तार लोगों की पहचान लड़की के पिता जितेन्द्र गुप्ता और दंपति संदीप पांडेय एवं पूजा के रूप में हुई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि राजकुमार का पता लगाने का प्रयास तेज कर दिया गया है. लड़की से कई लोगों ने यौन र्दुव्‍यवहार किया. पूजा उसे उत्तरप्रदेश के एटा ले गई जहां उसे एक बूढे व्यक्ति‍ से जबरन शादी करा दी गई.
चौधरी ने कहा, जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो पूजा के पति संदीप ने कथित तौर पर उससे बलात्कार किया. इसके बाद लड़की को फ़िर दिल्ली लाया गया और तुगलकाबाद के एक घर में रखा गया जहां संदीप ने उससे कई बार बलात्कार किया. बच्ची को भर्ती कराने वाली नाबालिग लडकी के मामले को देख रही बाल कल्याण समिति ने कहा था कि उसके पिता के खिलाफ़ मामला दर्ज किया जाना चाहिए. सूत्रों ने कहा कि समिति का मानना है कि नाबालिग के पिता के खिलाफ़ अत्याचार और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
इसने यह भी सुझाव दिया कि चार लोगों के खिलाफ़ अलग से मामला दर्ज किया जाना चाहिए जिन्होंने नाबालिग लडकी का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया. समिति ने कहा कि एक काउंसलर से बात करने के बाद नाबालिग ने उनसे कहा कि उसके पिता अपने दो रिश्तेदारों की हत्या के आरोप में आठ वर्ष जेल में रहे.
उधर, बच्ची को एम्स में भर्ती कराने वाली नाबालिग लड़की का शहर के एक बाल गृह में काउंसिलिंग दी जा रही है. महिला और बाल कल्याण मंत्री किरण वालिया ने कहा कि उनका विभाग लड़की की पूरी देखभाल कर रहा है और उसे प्रतिदिन दो बार काउंसिलिंग दी जा रही है ताकि वह कथित यौन दुराचार के सदमे से उबर सके.