Friday, 13 July 2012

इसके हैं सारे दीवानें. . .


इसके हैं सारे दीवानें. . .

भारत में सेक्स पर पाबंदी है पर यहां युवा सेक्स साइटों पर दिलचस्पी ले रही हैं. एक शोध के अनुसार यह पता चला है कि भारत में देशी कुडी, इंडियनपॉर्नडॉटकॉम जैसे कई साइट है जिनका कोई नियम कानून नहीं है, औऱ तो और कुछ विदेशी साइट तो भारतीय नाम रखकर अपनी सेवा दे रहे हैं.इतना ही नहीं कुछ साइटें तो ऐसी है जो तीन महीने में ही विश्व रेकिंग में अपना जगह तक बना ली है.
सरकार की पाबंदी का ये वेबसाइट प्रत्यक्ष रूप में नियमों का पालन करते हैं. लेकिन इन वेबसाइटों पर जाने की प्रक्रिया इतनी सरल है कि बच्चे भी धड़ल्ले से इसका उपयोग करते हैं. एडल्ट साइट यानी 18 वर्ष से उपर को लोग ही प्रयोग करते हैं, पर इन साइटों पर इंटर करने की प्रकिया इतनी सरल है कि कोई भी टिनेजर इन साइको पर जाकर पॉर्न सामग्री देख सकता है. सेक्स चैट, फ्रेंड्स चैट जैसे कई सेवाओं को उपलब्ध कराते हैं ये साइट.
इकॉनॉमिक्स डिफेंस विंग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी साइटों का आईपी एडरेस तक पहुंचना काफी मुश्किल है, क्योंकि ये विदेशी साइट विदेशों से ऑपरेट होतीं हैं और भारतीय नाम रखकर दर्शकों को लुभाती हैं.भारतीय पॉर्न साइटों पर सरकार ने बैन लगा दिया है पर कुछ साइटों को रि-रुट कर फिर से चलाया गया है. एक फ्रांस की पॉर्न वेबसाइट तीन महिनों एलेक्सा रैंकिंग 11,112 है, जिसकी इंडियन रैंकिंम776 है. वहां इटली की वेबसाइटों की रैंकिंग 103 है.

पिंकी को नेताओं का संरक्षण!


पिंकी को नेताओं का संरक्षण!

पिंकी आजकल मीडिया में छायी हुई है. लिंग परीक्षण को लेकर हाल के दिनों में वो चर्चा में रही थी. पिंकी प्रमाणिक के बारे में रोज ब रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एक समाचार के मुताबिक पिंकी के पश्चिम बंगाल के वामपंथी नेताओं से अच्छे रिश्ते रहे हैं.
इसलिए वामपंथी नेता कह रहे हैं कि पिंकी खुद पीडित है उसे फंसाया जा रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस कह रही है कि जब तक कोर्ट किसी को दोषी न ठहरा दे तब तक उसे निर्दोष समझना चाहिए. 2004 में रेलवे स्टेशन से पिंकी के पास से एक गैर लाइसेंसी पिस्तौल मिली थी. उस समय के खेल मंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने पिंकी का बचाव करते हुए उसको सुरक्षा का भरोसा दिलाया था.
रेप का आरोप लगाने वाली उसकी साथी का कहना है कि पिंकी के सीपीएम नेता से रिश्ते रहे हैं. पिंकी ने इसी नेता के साथ मिलकर जमीन घोटाला किया था. पिंकी को ड्रग्स की भी लत थी. वह घरेलू हिंसा करती थी लेकिन राजनेताओं के वरदहस्त के कारण वह बच जाती थी. जब बंगाल में वामपंथी नेताओं का शासन था तो पुलिस खामोश रहती थी.
आरोप लगाने वाली महिला तलाकशुदा है और एक बच्चे की मां है. बंगाल के खेल मंत्री मदन मित्रा का कहना है कि इस तरह की बातें बंद होनी चाहिए. हालांकि उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि पिंकी के पक्ष में चलाया जा रहा अभियान राजनीति से प्रेरित है. कोर्ट में महिला फोरम का क्या रोल था? उन्होंने वहां सीन क्यों क्रिएट किया?

बाल ठाकरे से आज रात मुलाकात करेंगे प्रणव


बाल ठाकरे से आज रात मुलाकात करेंगे प्रणव

मुंबई : राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले राज्यों के दौरे पर निकले संप्रग के उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी आज शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मिलेंगे और उनकी उम्मीदवारी को समर्थन देने के लिये उन्हें धन्यवाद देंगे.
इस बैठक के बारे में कांग्रेस ने जहां कुछ भी नहीं कहा है वहीं शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने आज कहा कि मुखर्जी आज रात ठाकरे के बांद्रा उपनगर स्थित आवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात करेंगे. पत्र ने कहा ‘उम्मीदों के बादल दिखाई पड रहे हैं.’ उसने कहा कि इस बैठक में राकांपा के अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार उपस्थित रहेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे.
मुखर्जी राष्ट्रपति चुनाव के अपने प्रचार के तहत यहां आयेंगे और आज शाम दक्षिण मुंबई में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और राज्य में सत्तारुढ गठबंधन के विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं.

राष्ट्रपति से मिले मनमोहन


राष्ट्रपति से मिले मनमोहन

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से संसद के आगामी मानसून सत्र और अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा के लिए मुलाकात की.
राष्ट्रपति भवन के बयान के मुताबिक करीब आधे घंटे की बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गयी.
बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ने सूखे और वर्षा सिंचित क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता और मुनाफा बढाने के बारे में राज्यपालों की समिति की सिफारिशों के बारे में मनमोहन सिंह से विस्तार से चर्चा की.

अदालत ने विकास यादव के एम्स जाने का रिकॉर्ड मांगा


अदालत ने विकास यादव के एम्स जाने का रिकॉर्ड मांगा

- कटारा हत्याकांड -
नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज तिहाड़ जेल के अधिकारियों से विकास यादव का मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने को कहा जो नीतीश कटारा हत्याकांड में दो अन्य के साथ उम्रकैद की सजा काट रहा है.
अदालत ने यह आदेश एक याचिका पर दिया जिसमें कहा गया था कि विकास यादव अपने वित्तीय एवं राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए 87 बार अस्पताल गया.
न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति वीके शाली की पीठ ने सुनवाई कल तक के लिए टालते हुए कहा, ‘‘जेल अधीक्षक को दोषी विकास यादव के सभी चिकित्सा रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया जाता है.’’
पीठ ने कहा, ‘‘जेल अधीक्षक को यह निर्देश भी दिया जाता है कि वह इस बारे में रिपोर्ट सौंपें कि क्या अन्य कैदियों को भी विकास यादव की तरह अस्पताल जाने की अनुमति दी गई है.’’
अदालत का आदेश नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा की याचिका पर आया. उन्होंने जेल अधिकारियों तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को यह निर्देश दिए जाने का आग्रह किया था कि वे यादव की बीमारियों और उसके अस्पताल जाने से संबंधित समूचा रिकॉर्ड पेश करें.
इस बीच, अदालत ने उत्तर प्रदेश के विवादास्पद राजनीतिक नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को 2008 में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के फ़ैसले के खिलाफ़ दोनों पक्षों की कुछ अपीलों पर दिल्ली पुलिस तथा अन्य को नोटिस जारी किए.

वेबसाइटों पर निगरानी के लिए नियामक इकाई बने-विशेषज्ञ


वेबसाइटों पर निगरानी के लिए नियामक इकाई बने-विशेषज्ञ

हैदराबाद : साइबर सुरक्षा से जुड़े एक विशेषज्ञ ने कहा है कि आपत्तिजनक सामग्री के चलते वेबसाइटों पर पूरी तरह रोक लगाने की बजाय ऐसा नियामक तंत्र और कानून बनाना बेहतर रहेगा जिससे कि वेबसाइट तेजी से सरकार को जवाब दे सकें.
जाने माने कंप्यूटर सुरक्षा विशेषज्ञ और ऐथकल हैकर अंकित फ़ादिया ने कहा, ‘‘मैं लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों को पूरी तरह रोके जाने का समर्थन नहीं करता. अवैध सामग्री के संबंध में सरकार को नियामक प्राधिकरण की स्थापना करनी चाहिए जो इन सभी विभिन्न वेबसाइटों के साथ घनिष्ठता से काम करेगा. जब भी कुछ अनुचित सामग्री पोस्ट की जाएगी, उसे हटा दिया जाएगा.’’
उन्होंने कहा कि नियामक तंत्र व्यापक होना चाहिए जिसमें केवल सरकारी प्रतिनिधियों का एकाधिकार नहीं हो. फ़ादिया ने कहा, ‘‘यदि सरकार ऐसा नियामक प्राधिकरण बनाती है जिसमें केवल सरकारी सदस्य शामिल हों तो जनता इसे पसंद नहीं करेगी. इसमें विभिन्न तबकों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें एक कानूनी विशेषज्ञ, एक तकनीकी विशेषज्ञ होना चाहिए. युवा, पुलिस तथा सरकार का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. यह एक मनोनीत समिति हो सकती है और यह प्रत्येक दो या चार साल में बदल सकती है.’’
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान में नहीं है तो एक ऐसा कानून बनाया जाना चाहिए जिससे कि वेबसाइट सरकार को तेजी से जवाब देने के लिए बाध्य हो सकें.

फ़लक मामले में नाबालिग लड़की का पिता,2अन्य गिरफ्तार


फ़लक मामले में नाबालिग लड़की का पिता,2अन्य गिरफ्तार

नयी दिल्लीः एम्स में जीवन..मौत से जूझ रही दो वर्षीय बच्ची फ़लक को भर्ती कराने वाली नाबालिग लड़की के पिता और दो अन्य को आज गिरफ्तार कर लिया गया. 15 वर्षीय नाबालिग लड़की तब सुर्खियों में आई जब उसने खुद को बच्ची की मां बताते हुए उसे इलाज के लिये एम्स ले आई. बच्ची फ़लक की कथित तौर पर उसी ने पिटाई की थी.
लड़की ने अपने पिता पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था और अपने घर से लापता हो गयी थी. वह राजकुमार के साथ फ़रार हो गयी जिसने दो महीने पहले फ़लक को उसे सौंपा था.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दक्षिण..पूर्व अजय चौधरी ने कहा, हमने तीन लोगों - उसके पिता, एक महिला जिसने उसे देह व्यापार में ढकेला और एक अन्य व्यक्ति‍ को गिरफ्तार किया है. उन पर उसे छोड़ने एवं देह व्यापार में ढकेलने सहित कई मामले दर्ज किये गये हैं. उन्होंने कहा कि राजकुमार अब भी फ़रार है.
गिरफ्तार लोगों की पहचान लड़की के पिता जितेन्द्र गुप्ता और दंपति संदीप पांडेय एवं पूजा के रूप में हुई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि राजकुमार का पता लगाने का प्रयास तेज कर दिया गया है. लड़की से कई लोगों ने यौन र्दुव्‍यवहार किया. पूजा उसे उत्तरप्रदेश के एटा ले गई जहां उसे एक बूढे व्यक्ति‍ से जबरन शादी करा दी गई.
चौधरी ने कहा, जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो पूजा के पति संदीप ने कथित तौर पर उससे बलात्कार किया. इसके बाद लड़की को फ़िर दिल्ली लाया गया और तुगलकाबाद के एक घर में रखा गया जहां संदीप ने उससे कई बार बलात्कार किया. बच्ची को भर्ती कराने वाली नाबालिग लडकी के मामले को देख रही बाल कल्याण समिति ने कहा था कि उसके पिता के खिलाफ़ मामला दर्ज किया जाना चाहिए. सूत्रों ने कहा कि समिति का मानना है कि नाबालिग के पिता के खिलाफ़ अत्याचार और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
इसने यह भी सुझाव दिया कि चार लोगों के खिलाफ़ अलग से मामला दर्ज किया जाना चाहिए जिन्होंने नाबालिग लडकी का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया. समिति ने कहा कि एक काउंसलर से बात करने के बाद नाबालिग ने उनसे कहा कि उसके पिता अपने दो रिश्तेदारों की हत्या के आरोप में आठ वर्ष जेल में रहे.
उधर, बच्ची को एम्स में भर्ती कराने वाली नाबालिग लड़की का शहर के एक बाल गृह में काउंसिलिंग दी जा रही है. महिला और बाल कल्याण मंत्री किरण वालिया ने कहा कि उनका विभाग लड़की की पूरी देखभाल कर रहा है और उसे प्रतिदिन दो बार काउंसिलिंग दी जा रही है ताकि वह कथित यौन दुराचार के सदमे से उबर सके.

अन्‍ना को अस्‍पताल से मिली छुट्टी


अन्‍ना को अस्‍पताल से मिली छुट्टी

नयी दिल्‍लीः गुड़गांव के मेदांता अस्‍पताल में इलाज करा रहे अन्‍ना हजारे को अस्‍पताल से छुट्टी मिल गई. अन्ना की तबीयत अब ठीक है और उनकी सारी रिपोर्ट नॉर्मल आई जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्‍हें अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किया था.
गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के इलाज ने असर दिखाया और तीन दिन में ही अन्ना हजारे को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. डॉक्टरों ने कहा था कि गुरुवार को अन्ना को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.
खांसी, कमजोरी और घुटने में लगातार दर्द की वजह से अन्ना 29 जनवरी को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे. बुधवार सुबह उनकी सारी रिपोर्ट नॉर्मल आई. डॉक्टरों के मुताबिक अन्ना ने बुधवार को अस्पताल के कॉरिडोर में टहलना भी शुरू कर दिया और उन्हें नींद भी अच्छी आ रही है. यूपी में चुनाव प्रचार की तैयारी में जुटी टीम अन्ना के लिए यकीनन ये राहत की खबर है.

राष्ट्रपति चुनाव से पहले सोनिया देंगी दावत


राष्ट्रपति चुनाव से पहले सोनिया देंगी दावत

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की जीत को लेकर कोई भी मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहती हैं. तभी तो उनको समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों के सांसदों के लिए मतदान के ठीक एक दिन पहले दोपहर भोज का आयोजन करने जा रही हैं. सूत्रों के मुताबिक मुखर्जी का समर्थन करने वाले दलों के साथ सम्बंधों को और अधिक गहरा करने के मकसद से सोनिया गांधी ने भोज का आयोजन रखा है.
हालांकि कांग्रेस और उसके ज्यादातर नेता पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि मुखर्जी भारी मतों से विजयी होंगे लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव के मद्देनजर कोई खतरा मोल लेना नहीं चाहते. सूत्रों के मुताबिक संप्रग के सहयोगी दलों की 14 जुलाई को एक बैठक बुलाई गई है. दुसरी ओर संगमा भी अपने दावेदारी को लेकर पूरे देश का भ्रमण करने लगे हैं.

क्या पुणे में दिया जा रहा था अन्‍ना को धीमा जहर?


क्या पुणे में दिया जा रहा था अन्‍ना को धीमा जहर?


- अन्‍ना के इलाज पर उठे सवाल -
पुणे के अस्पताल में कई दिनों तक इलाज कराने के बावजूद हालत न सुधरने पर अन्ना हजारे जब गुड़गांव के मेदांता अस्पताल पहुंचे, तो दो ही दिन में उनकी स्थिति बेहतर हो गयी. अन्ना के इलाज पर जब सवाल उठे, तो डॉ संचेती के डॉक्टर बेटे ने गुड़गांव पहुंच कर उनसे मुलाकात की. इसके बाद अन्ना ने अपने हस्ताक्षर से बयान जारी कर कहा कि उनका ठीक इलाज चल रहा था.. आखि‍र क्यों अन्ना को जारी करना पड़ा इस तरह का बयान? पढ़ें यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..
क्या है अन्ना के पत्र में
मेरी सेहत को लेकर मीडिया में तरह-तरह की बातें की जा रही हैं. डॉ कांति लाल संचेती से मेरी 25 साल की दोस्ती है. ऐसा कहा जा रहा है कि जो दवा दी गयी, वो ज्यादा थी या उनकी जरूरत नहीं थी. मुझे ऐसा नहीं लगता कि मुझे दवाइयां गलत नीयत से दी गयी थी. शायद मेरा शरीर उन दवाइयों को बर्दाश्त नहीं कर पाया. मैं मानता हूं कि किसी की जिंदगी या सेहत भगवान के हाथ में होती है. डॉ संचेती को सरकार ने पद्मविभूषण दिया है. उनके इनाम को मेरी सेहत से जोड़ना गलत है. उनका इनाम उनकी 40 वर्षो की सेवाओं और समाज में उत्तम कार्यो के लिए दिया गया है. मैं उन्हें इसके लिए बधाई देता हूं.

क्या पुणे के संचेती अस्पताल में अन्ना हजारे को भविष्य में आंदोलन न कर पाने की स्थिति में लाने की तैयारी की जा रही थी? क्या राजनीतिक तौर पर संचेती अस्पताल को इस भरोसे में लिया गया कि अगर वह अन्ना हजारे को पांच राज्यों में चुनाव के दौरान मैदान में न उतरने देने की स्थिति ला सकता है, तो अस्पताल चलानेवालों का ख्याल रखा जायेगा ? क्या पुणे के एक व्यवसायी को भी राजनीतिक तौर पर इस भरोसे में लिया गया कि वह अन्ना से अपनी करीबी का लाभ कांग्रेस को पहंचाये, तो सरकार उसे भी इनाम देगी ? क्या अन्ना के सहयोगियों को भी सुविधाओं से इतना भर दिया गया कि वह भी अन्ना को उसी राजनीति के हाथ का खिलौना बना बैठें, जिस राजनीति के खिलाफ़ अन्ना संघर्ष कर रहे थे ? ये सारे सवाल अगर रालेगण सिद्धि से लेकर पुणे और मुबंई में अन्ना आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच घुमड़ रहे हैं, तो दिल्ली से सटे गुड़गांव के मेदांता अस्पताल से इसके जवाब भी निकलने लगे हैं.

यह सब कैसे और क्यों हुआ? इसे जानने से पहले यह जरूरी है कि इस खेल की एवज में पहली बार क्या-क्या हुआ, उसकी जानकारी ले लें. पहली बार अन्ना रालेगण के अपने सहयोगी के बिना ही दिल्ली इलाज के लिए पहंचे. पहली बार संचेती अस्पताल के कर्ताधर्ता कांति लाल संचेती को सीधे पद्म विभूषण से नवाज दिया गया. पहली बार अन्ना के करीबी पुणे के व्यवसायी अभय फ़िदौरिया के भाई काइनेटिक के चैयरमैन अरुण फ़िरदौरिया को पद्मश्री से नवाजा जायेगा. 74 बरस की उम्र के जीवन में पहली बार अन्ना ने यह महसूस किया कि संचेती अस्पताल में इलाज के दौरान उनसे खुद उठना बैठना नहीं हो पा रहा है. दरअसल पिछले दो दिनों से गुड़गांव के मेदांता में इलाज कराते अन्ना के शरीर से करीब तीन किलोग्राम पानी बाहर निकला है. और दो दिन के भीतर ही अन्ना अपना काम खुद कर सकने की स्थिति में आ गये हैं और आज ही ( मंगलवार) अन्ना को आइसीयू से सामान्य कमरे में शिफ्ट भी कर दिया गया. लेकिन इससे पहले पुणे के संचेती अस्पताल में नौ दिन (31 दिसंबर 2011 से 8 जनवरी 2012 ) भरती रहे अन्ना को बीते महीने भर से जो दवाई दी जा रही थी, वह इलाज से ज्यादा बीमार करने की दिशा में किस तरह बढ़ रही थी? यह अस्पताल की ही ब्लड और यूरिन रिपोर्ट से पता चलता है. संचेती अस्पताल में 6 जनवरी को अन्ना की ब्लड / यूरिन की रिपोर्ट ( ओपीडी / आइडी नं 1201003826 ) में सब कुछ सामान्य पाया गया. लेकिन हर दिन जिन आठ दवाइयों को खाने के लिए दिया गया, उनमें स्ट्रोआइड का ओवर डोज है. 
एंटीबायोटिक की चार दवाइयां इतनी ज्यादा मात्रा में शरीर पर बुरा असर डाल सकती हैं कि किसी भी व्यक्ति को इसे खाने के बाद उठने में मुश्किल हो. असल में इलाज ऐसा क्यों किया जा रहा था, इसका जवाब तो किसी के पास नहीं है. लेकिन इस इलाज तो गुड़गांव के मेदांता में तुरंत बंद इसलिए कर दिया क्योंकि यह सारी दवाइयां अन्ना हजारे के शरीर में धीमे जहर का काम कर रही थीं. खास बात यह भी है कि संचेती अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट में डॉ कांति लाल संचेती के बेटे डॉ पराग लाल संचेती के हस्ताक्षर के साथ यह लिखा गया कि एक महीने यानी 8 फ़रवरी तक अन्ना को सिर्फ़ आराम ही करना है. कोई काम नहीं करना है. खासकर अस्पताल छोड़ते वक्त 8 जनवरी को अन्ना हजारे को संचेती अस्पताल के डॉक्टर ने यह भी कहा कि लोगों से मिलना-जुलना बंद रखें. लेकिन अन्ना का इलाज बदला और अन्ना दो दिन में कैसे ठीक हो गये ?
क्यों अन्ना ने जारी किया बयान
पेट से लेकर मुंह, हाथ, पांव की सूजन खत्म हुई, तो आज ( 31 जनवरी ) सुबह 10 बजे पुणे से डॉ पराग संचेती अन्ना से मिलने गुड़गांव के मेंदाता अस्पताल आ पहुंचे. करीब एक घंटे तक जब उन्होंने आइसीयू के कमरे में अकेले बैठ कर अपने संबंधों का रोना रोया और पुणे से लेकर मुंबई तक संचेती अस्पताल पर लगते दाग का दर्द बताया. अपने पिता कांति लाल संचेती को पद्म विभूषण सम्मान पर उठती अंगुलियों का जिक्र किया, तो अन्ना ने उन्हें माफ़ करने के अंदाज में सब-कुछ भूल जाने को कहा. तो डॉ पराग संचेती ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक अन्ना अपने हाथ से लिख कर कोई बयान जारी नहीं करते, तब तक उन्हें मुश्किल होगी. ऐसे में अन्ना ने लिखा, ‘मुझे नहीं लगता कि दवाइयां गलत नीयत से दी गयी थी. शायद मेरा शरीर उसे बरदाश्त नहीं कर पाया. और डॉ संचेती के पद्म विभूषण को मेरे इलाज से जोड़ना गलत है.’
बड़ा सवाल
अन्ना का यह बयान कुछ दूसरे संकेत भी देता है. क्योंकि अन्ना पहली बार गुड़गांव के अस्पताल में बिना किसी रालेगण के सहायक के हैं. जबकि बीते एक बरसके दौरान जंतर-मंतर हो या रामलिला मैदान या फ़िर मुंबई. उनके साथ रालेगण के उनके सहायक सुरेश पठारे हमेशा रहे. लेकिन इसी दौर में अन्ना के करीबियों के पास ब्लैक बेरी और एप्पल के आइ फ़ोन समेत बहतेरी ऐसी सुविधाएं आ गयीं, जिसकी कीमत लाख रुपये से ज्यादा की है. यह सुविधा रालेगण में अन्ना को घेरे कई सहायकों के पास है. और अन्ना के रालेगण में रहने के दौरान पुणे के व्यवसायी की यह पैठ सबसे ज्यादा हो गयी. जबकि इस दौर में पुणे से लेकर मुंबई तक में चर्चा यही है कि पुणे के जिस व्यवसायी को पद्मश्री और जिस डॉक्टर को पद्म विभूषण मिला, उनके नाम इससे पहले पुणे के सांसद सुरेश कलमाड़ी ने प्रस्तावित किया था, लेकिन कलमाड़ी के दागदार होने के बाद इनकी फ़ाइल बंद कर दी गयी, लेकिन जैसे ही अन्ना का संबंध इनसे जुड़ा, तो सरकारी चौसर पर दोनों ने अपने अपने संबंधों की सौदेबाजी के पांसे फ़ेंक कर सम्मान पा लिये.

अमरनाथ तीर्थयात्री : मरने वालों की संख्या 72 हुयी


अमरनाथ तीर्थयात्री : मरने वालों की संख्या 72 हुयी

श्रीनगर: पवित्र अमरनाथ यात्र के दौरान चार और तीर्थयात्रियों और एक द्वारपाल की मौत के साथ ही इस साल यात्र के दौरान मरने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या बढ कर 72 हो गयी है.
अधिकारियों ने बताया कि कल रात बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन के बाद 3,880 मीटर उंची पहाड़ी पर उत्तर प्रदेश की रहने वाली 60 साल के निर्मला त्रिपाठी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी.
उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में मध्य प्रदेश के रहने वाले चांद का कल गंदरबल जिले में 16 किलोमीटर लंबे बालताल मार्ग पर बरारीमार्ग के निकट दिल का दौरा पडने के कारण मौत हो गयी.
अधिकारियों ने बताया कि दो अज्ञात तीर्थयात्री जिसमें से एक महिला भी शामिल है का शव परंपरागत 45 किलोमीटर पहलगाम मार्ग पर चंदनवाड़ी और पंजतरणी के बीच मिला है. मृतक की पहचान का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अनंतनाग जिले के रहने वाले अब्दुल रहमान पद्दार (65) के तौर पर पहचान किये गये द्वारपाल का पहलगाम के निकट जोजीबल में दिल का दौरा पडने के कारण मौत हो गयी. वार्षिक अमरनाथ यात्र 25 जून को शुरु हुयी थी.

अब मोबाइल से बुक करा सकते हैं एयर इंडिया के टिकट


अब मोबाइल से बुक करा सकते हैं एयर इंडिया के टिकट

मुंबईः एयर इंडिया की हवाई यात्राओं के टिकट अब मोबाइल फ़ोन से बुक कराए जा सकते हैं. एयर इंडिया ने अपने घरेलू ग्राहकों को मोबाइल के माध्यम से हवाई यात्रा के टिकट बुक करने और खरीदने की सेवा प्रदान करने के लिए एक नयी बुकिंग सेवा की शुरूआत की.
एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, यह टिकट बुकिंग एक बार में डाउनलोड किए जा सकने वाले ‘नपे’ सॉफ्टवेयर की मदद से की जा सकेगी. इसके लिए यात्रियों को केवल ‘नपे’ सॉफ्टवेयर की मदद से एक एसएमएस शॉटकोर्ड 56767 पर भेजना होगा. यात्री अपने जीपीआएस मोबाइल फ़ोन से नपे सॉफ्टवेयर मुफ्त में नपेडॉटकॉम वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. यह साफ्टवेयर ब्लैकबेरी एप्प वर्ल्‍ड, एन्डॉयड मार्केटप्लेस और ओवी स्टोर की दुकानों से भी डाउनलोड किया जा सकता है.
नपे सॉफ्टवेयर मोबाइल तकनीक के द्वारा एयर इंडिया की हवाई उड़ानों की टिकटों की बुकिंग की सेवा प्रदान करता है. पैसे का भुगतान मोबाइल फ़ोन के माध्यम से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल कर किया जा सकता है.

कई दिनों तक लूटती रही नाबालिग की आबरू


कई दिनों तक लूटती रही नाबालिग की आबरू

जयपुर : जयपुर में एक 16 वर्षीय नाबालिग से बलात्कार का मामला सामने आया है. एक ऑटो वाले ने पहले लड़की को बंधक बनाया और फिर कई दिनों तक उसकी आबरू से खेलता रहा.
सिंधी कैंप थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने ऑटो चालक जितेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है. सूत्रों के अनुसार नीमकाथाना निवासी 16 वर्षीय किशोरी गत 15 जून को जयपुर आने के लिए अपने घर से निकली थी. उसे झोटवाड़ा में रहने वाले अपने किसी रिश्तेदार के यहां जाना था लेकिन शाम तक रिश्तेदार के घर नहीं पहुंचने बाद घरवालों ने उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह बंद मिला. इसके बाद घरवालों ने नीमकाथाना में किशोरी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई.
किशोरी जब खासाकोठी पर बस से उतरी, तो एक ऑटोवाला उसकी ओर लपका और उससे पूछा कि उसे कहां जाना है. किशोरी ने पता बताया, तो उसने कहा कि वो उसे वहां पर सकुशल छोड़ देगा. इसके बाद वह किशोरी को ऑटो में बैठाकर अपने भट्टा बस्ती स्थित घर ले गया.
उस ऑटो चालक ने लड़की को बंधक बना लिया. उसने किशोरी का मोबाइल फोन भी छीन कर बंद कर दिया. इसके बाद उसने दो-तीन दिन तक उसे वहीं रख कर उसकी आबरू लूटता रहा.
उसके बाद किशोरी को लेकर वह दौसा स्थित सलीमपुर गांव पहुंचा और करीब 15 दिन तक वहां भी उसके साथ बलात्कार किया. जैसे-तैसे किशोरी उसके चंगुल से छूटी, तो उसने फोन करके घरवालों को अपने साथ हुए हादसे की जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद नीमकाथाना पुलिस ने किशोरी को दौसा के सलीमपुर थाना इलाके से ढूंढ निकाला.