पिंकी को नेताओं का संरक्षण!
पिंकी आजकल मीडिया में छायी हुई है. लिंग परीक्षण को लेकर हाल के दिनों में वो चर्चा में रही थी. पिंकी प्रमाणिक के बारे में रोज ब रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एक समाचार के मुताबिक पिंकी के पश्चिम बंगाल के वामपंथी नेताओं से अच्छे रिश्ते रहे हैं.
इसलिए वामपंथी नेता कह रहे हैं कि पिंकी खुद पीडित है उसे फंसाया जा रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस कह रही है कि जब तक कोर्ट किसी को दोषी न ठहरा दे तब तक उसे निर्दोष समझना चाहिए. 2004 में रेलवे स्टेशन से पिंकी के पास से एक गैर लाइसेंसी पिस्तौल मिली थी. उस समय के खेल मंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने पिंकी का बचाव करते हुए उसको सुरक्षा का भरोसा दिलाया था.
रेप का आरोप लगाने वाली उसकी साथी का कहना है कि पिंकी के सीपीएम नेता से रिश्ते रहे हैं. पिंकी ने इसी नेता के साथ मिलकर जमीन घोटाला किया था. पिंकी को ड्रग्स की भी लत थी. वह घरेलू हिंसा करती थी लेकिन राजनेताओं के वरदहस्त के कारण वह बच जाती थी. जब बंगाल में वामपंथी नेताओं का शासन था तो पुलिस खामोश रहती थी.
आरोप लगाने वाली महिला तलाकशुदा है और एक बच्चे की मां है. बंगाल के खेल मंत्री मदन मित्रा का कहना है कि इस तरह की बातें बंद होनी चाहिए. हालांकि उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि पिंकी के पक्ष में चलाया जा रहा अभियान राजनीति से प्रेरित है. कोर्ट में महिला फोरम का क्या रोल था? उन्होंने वहां सीन क्यों क्रिएट किया?
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